जुलाई में रिकॉर्डतोड़ बारिश से जबलपुर बेहाल, 1930 के बाद पहली बार ऐसा जलप्रलय
जबलपुर: साल 2025 की बारिश ने बीते 95 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. जुलाई माह में अब तक 30 इंच बारिश बीते 95 सालों में दर्ज नहीं की गई थी. आज से लगभग 95 साल पहले 1930 में जबलपुर में 44 इंच बारिश जुलाई के महीने में हुई थी. इसके पहले बीते 10 सालों में 2016 में 25.8 इंच बारिश जुलाई महीने में हुई थी. ऐसा लगता है कि इस साल इंद्रदेव मध्य प्रदेश पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान हैं. आंकड़ों के आधार पर देखा जाए तो मध्य प्रदेश में बारिश ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
जबलपुर में जुलाई महीने में 30.02 इंच बारिश
जबलपुर में 30 जुलाई तक 30.02 इंच बारिश दर्ज की गई. यह जबलपुर का औसत है. अलग-अलग स्थान पर देखा जाए तो जबलपुर के कुंडम ब्लॉक में 38.38 इंच बारिश दर्ज की गई है. जबलपुर में सबसे कम बारिश सिहोरा में हुई है, जहां 24 इंच बारिश दर्ज की गई है. पाटन ब्लॉक में भी 34 इंच बारिश दर्ज हुई है. जबकि जबलपुर शहर में 30 इंच बारिश दर्ज की गई.
जबलपुर में बीते 10 सालों में जुलाई माह में बारिश के आंकड़े
1930 में हुई 44 इंच बारिश
बीते 10 साल ही नहीं बल्कि जबलपुर में बीते 100 सालों का इतिहास भी हम देखें, तो मौसम विभाग के अधिकारी डीके तिवारी के अनुसार "1930 में जबलपुर में 1137 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी. जो कुल मिलाकर 44 इंच से भी ज्यादा है. उसके बाद बीते 95 सालों से जबलपुर में कभी भी जुलाई के महीने में 30 इंच बारिश नहीं हुई.
उफान पर नदी-नाले, नरसिंहपुर रास्ते का पुल टूटा
30 इंच बारिश की वजह से जबलपुर के कई छोटे पुल डूबे हुए हैं. जबलपुर से नरसिंहपुर जाने वाले रास्ते पर झांसी घाट का पुल बीते कई दिनों से डूबा हुआ है. लोगों को वैकल्पिक रास्तों से जाना आना पड़ रहा है. जबलपुर में केवल नर्मदा नदी ही नहीं बल्कि हिरण और गौर नदी भी उफान पर है और जनजीवन अस्त व्यस्त है.
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