ई-अटेंडेंस पर अड़ी सरकार, लेकिन शिक्षक बोले— मोबाइल रिचार्ज तक के पैसे नहीं!
जबलपुर। मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में सरकारी ऐप ‘हमारे शिक्षक’ से अटेंडेंस लगाने के मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान टीचर्स ने कोर्ट में कहा कि सरकारी ऐप से अटेंडेंस लगाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं. हर महीने डेटा रिचार्ज करना पड़ता है. ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की भी दिक्कत है. टीचर्स की तरफ से लगाई गई याचिका पर गुरुवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. वहीं सरकार की तरफ से बताया गया कि 70 परसेंट टीचर्स ई-अटेंडेंस लगा रहे हैं.
30 अक्टूबर को अगली सुनवाई
मध्य प्रदेश के 27 टीचर्स ने ई-अटेंडेंस को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी. जिसमें टीचर्स ने ई-अटेंडेस को लेकर कई समस्याओं का जिक्र किया था. टीचर्स ने बताया कि सभी के पास स्मार्ट फोन नहीं है. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में बैट्री चार्ज करना एक चुनौती है. साथ ही ऐप में चेहरा मिलाने में भी परेशानी होती हैं. वहीं टीचर्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सरकार से ऐप का रिकॉर्ड मांगा है. साथ ही मामले में अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को मुकर्रर की है.
महिला टीचर ने कारण बताओ नोटिस का दिया जवाब
जबलपुर में एक महिला टीचर का ऐप पर ई-अटेंडेंस लगाने को लेकर एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसमें महिला ने ऐप पर अटेंडेंस लगाने से पर्सनल डिटेल लीक होने की आशंका जताई थी. माध्यमिक विद्यालय की महिला टीचर ज्योति पांडे को ई-अटेंडेंस ना लगाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. जिसके बाद महिला टीचर ने जवाब देते हुए पत्र में निजी मोबाइल का शासन से डाटा सुरक्षा और साइबर क्षतिपूर्ति की गारंटी देने की बात का जिक्र किया था.
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