MP के इस जिले में तेजी से पांव पसार रहे डेंगू और मलेरिया, स्वास्थ्य विभाग की टीमें मैदान में
सीहोर। मध्यप्रदेश (MP News) के सीहोर (Sehore) जिले में डेंगू और मलेरिया (Dengue and malaria) का प्रकोप एक बार फिर सिर उठा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में चार नए डेंगू और दो मलेरिया के मरीज सामने आए हैं। डेंगू के दो मरीज आष्टा, दो बुधनी से मिले हैं, जबकि मलेरिया के मरीजों में एक श्यामपुर और एक बुदनी क्षेत्र का है। इन नए मामलों ने प्रशासन और आमजन दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
मलेरिया यूनिट की टीमें तत्काल सक्रिय हो गई हैं। प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे चलाया जा रहा है, जिसमें लोगों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। फॉगिंग कर मच्छरों को नष्ट करने और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। अधिकारी-कर्मचारी लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि संक्रमण फैलने से पहले ही रोकथाम हो सके।
अब तक जिले में डेंगू के कुल 21, मलेरिया के 8 और चिकनगुनिया के 7 मरीज दर्ज किए जा चुके हैं। यद्यपि इनमें से अधिकांश मरीज ठीक हो गए हैं, फिर भी नए मरीजों के आने से स्पष्ट है कि संक्रमण की शृंखला टूटी नहीं है। विभाग इन सभी क्षेत्रों का फॉलो-अप कर रहा है और जिन इलाकों में मरीज मिले, वहां टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
हालांकि बारिश का मौसम बीत चुका है, फिर भी तापमान में कमी न आने के कारण डेंगू और मलेरिया का खतरा बना हुआ है। वर्तमान में दिन का तापमान 25 डिग्री से ऊपर और रात का 20-23 डिग्री के बीच है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक तापमान 16 डिग्री के करीब नहीं आता, तब तक मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप पूरी तरह समाप्त नहीं होता।
जिला मलेरिया अधिकारी क्षमा बर्वे ने बताया कि नागरिकों को सतर्क रहना होगा। तेज बुखार, कंपकंपी, उल्टी, सिरदर्द, बेचैनी, कमजोरी, मितली जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सालय पहुँचें। बचाव के उपायों में रात में मच्छरदानी का उपयोग, आसपास की सफाई और पानी जमा न होने देना शामिल है। खासकर ड्रम, टंकी या खाली प्लॉट में पानी का रुकना मच्छरों के लिए आदर्श स्थिति बनाता है।
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