1000 साल पहले सोमनाथ आया था गजनवी, भाजपा और संघ परिवार हमेशा क्यों याद करते रहते हैं ?
नई दिल्ली। भारत के पश्चिमी छोर पर विराजमान भगवान भोलेनाथ (Lord Bholenath) के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) चर्चा में है. यहां सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है. ठीक एक हजार साल पहले, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर पहला आक्रमण हुआ था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऐसे अनेक हमले भी हमारी आस्था को डिगा नहीं सके. इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और मजबूत हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा. पीएम ने सोमनाथ से जुड़ी अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें भी साझा कीं. इस तरह से देखें तो पीएम ने एक अहम हिंदुत्व थीम को सामने रखा और इसे भारत के उदय, भविष्य और शाश्वत भावना से कनेक्ट करने की कोशिश की. शायद, लोगों को आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या यात्रा भी याद होगी. ऐसे में मन में सवाल उठ सकता है कि भाजपा और संघ परिवार के लीडर्स सोमनाथ की यादों को हमेशा क्यों याद करते रहते हैं.?
सोमनाथ मंदिर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2026 में इस पवित्र स्थान पर महमूद गजनवी के पहले हमले के 1000 साल पूरे हो जाएंगे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमारी सभ्यता की अदम्य (अजेय या अटल) भावना का सोमनाथ मंदिर से बेहतर कोई उदाहरण नहीं हो सकता, जो तमाम मुश्किलों और संघर्षों को पार करते हुए भी शान से खड़ा है. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पूरे साल चलेगा. प्रधानमंत्री खुद 11 जनवरी को सोमनाथ मंदिर जाने वाले हैं.
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