आग के दौरान बाहर निकलने का रास्ता बंद, बढ़ी अफरा-तफरी
इंदौर| के ब्रजेश्वरी एनएक्स इलाके में हुई आग की घटना में घर की सुरक्षा ही बचाव में सबसे बड़ी बाधा बन गई। चारों तरफ लगी जालियों के अलावा छत पर जाने वाला रास्ता भी खुला नहीं था। वहां चैनल गेट लगाकर रोज ताला लगाया जाता था ताकि कोई चोरी के इरादे से छत के रास्ते भीतर न आ सके।
आग लगने के बाद बहू सिमरन और एक अन्य महिला का शव इसी चैनल गेट के पास सीढ़ियों पर मिला। आग से बचने के लिए वे सीढ़ियों के रास्ते छत के करीब तक तो पहुंचे लेकिन ताला लगा होने के कारण वहीं फंस गए। बताया गया है कि चैनल गेट की चाबी मंदिर के पास रखी रहती थी।मनोज पुगलिया ने कोने के प्लॉट पर कुछ साल पहले ही तीन मंजिला मकान बनवाया था लेकिन इसमें एमओएस के लिए जगह नहीं छोड़ी गई थी। पूरे प्लॉट को कवर करके निर्माण किया गया था। कॉर्नर प्लॉट होने के बावजूद मकान को चारों तरफ से पैक रखा गया।
यदि घर में खुले हिस्से होते तो धुएं के कारण लोगों का दम घुटने से बच सकता था। मकान के पास ही बिजली का पोल था। कार में आग लगने के बाद पोल के तार भी जल गए थे और उसी के जरिए पहली मंजिल तक आग पहुंची। घर की किसी भी मंजिल पर आग बुझाने के यंत्र मौजूद नहीं थे।
जब कार में आग लगी तो सबसे पहले मनोज पुगलिया की नींद खुली। उन्होंने छोटे बेटे हर्षित को जगाकर पानी डालने को कहा। हर्षित पहली मंजिल पर सोया था। वह जैसे ही नीचे उतरा और गेट खोला, धुआं भूतल पर भरने लगा। देखते ही देखते आग तेजी से फैली और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
शेयर बाजार टूटा तो सोने ने पकड़ी रफ्तार, आज के ताजा रेट देखें
कोलकाता पर हमले की धमकी पर भारत का पलटवार, Rajnath Singh बोले—‘परिणाम भुगतने होंगे’
राज्यसभा सीट और पार्टी बदलाव: राघव चड्ढा को लेकर बढ़ी सियासी अटकलें
चार अंतरिक्ष यात्री आर्टेमिस-2 के साथ चांद की ओर, 10 दिन में पृथ्वी पर वापसी