दवा दुकानदारों की हड़ताल से प्रदेश में असर, 20 हजार मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद
रायपुर: इंटरनेट के जरिए दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ अब देशभर के फार्मासिस्ट और दवा विक्रेता एकजुट हो गए हैं। 'ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स' (AIOCD) ने केंद्र सरकार पर अपनी जायज मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए 20 मई को देशव्यापी हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन के समर्थन में आज पूरे छत्तीसगढ़ के लगभग 20 हजार मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहेंगे।
₹50 करोड़ का कारोबार थमेगा, राजधानी रायपुर में अकेले ₹20 करोड़ का नुकसान
'ऑल इंडिया केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन' के नेतृत्व में दवा विक्रेता ई-फार्मेसी और ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जाने वाली भारी छूट का कड़ा विरोध कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में कुल मिलाकर तकरीबन 20,000 दवा दुकानें संचालित हैं। अनुमान है कि महज एक दिन की इस सांकेतिक हड़ताल से प्रदेश के दवा व्यवसाय को ₹50 करोड़ का फटका लगेगा। इसमें से सबसे बड़ा हिस्सा राजधानी रायपुर का है, जहाँ अकेले शहर के भीतर ही रोजाना लगभग ₹20 करोड़ की दवाओं का व्यापार होता है, जो आज ठप रहेगा।
ठोस कदम न उठाने पर दी आंदोलन की चेतावनी
रायपुर के स्थानीय दवा संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि वे ऑनलाइन दवा कंपनियों की मनमानी को लेकर लंबे समय से शासन-प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। इसी सुस्ती से नाराज होकर AIOCD के निर्देश पर यह देशव्यापी बंद आयोजित किया जा रहा है। इस हड़ताल के दौरान राज्यभर के मेडिकल संचालक अपनी दुकानें बंद रखकर सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
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