अंबिकापुर| अंबिकापुर छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने अंबिकापुर दौरे के दौरान खाद की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी को लेकर एक बेहद कड़ा और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर पर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी खाद माफियाओं को अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से संरक्षण देता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की पैनी नजर उन संदिग्ध अफसरों और कर्मचारियों पर भी है, जो सांठगांठ करके बड़े खाद माफियाओं को बचाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

माफियाओं को शह देने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज

कृषि मंत्री ने सरगुजा संभाग के दौरे पर बातचीत करते हुए कहा कि अन्नदाताओं और किसानों के अधिकारों व हितों के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि विभागीय जांच या औचक निरीक्षण में यह साबित होता है कि किसी सरकारी अधिकारी की मिलीभगत के कारण बाजार में खाद की किल्लत पैदा की जा रही है या कालाबाजारी हो रही है, तो संबंधितों को सस्पेंड करने के साथ ही विभागीय जांच बैठाई जाएगी।

गौरतलब है कि सरगुजा जिले और विशेष रूप से अंबिकापुर संभाग में लंबे समय से कृषि विभाग के कुछ स्थानीय अधिकारियों पर खाद माफिया को मूक संरक्षण देने के आरोप लगते रहे हैं। खाद के अवैध भंडारण, ब्लैक मार्केटिंग और अनियमित वितरण की शिकायतों को लेकर स्थानीय किसान संगठन भी लगातार प्रशासन के खिलाफ मुखर रहे हैं। ऐसे नाजुक वक्त में कृषि मंत्री का यह सख्त लहजा बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

राज्य में खाद की उपलब्धता पर दिया बड़ा अपडेट

किसानों की चिंताओं को दूर करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रदेश में खाद की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष छत्तीसगढ़ में डीएपी (DAP) खाद पर्याप्त और प्रचुर मात्रा में स्टॉक में मौजूद है। सहकारी समितियों और सोसायटियों के माध्यम से किसानों द्वारा अब तक लगभग 50 प्रतिशत खाद का सुरक्षित उठाव भी किया जा चुका है। उन्होंने माना कि मानसून की शुरुआती लेती और बेरुखी के चलते किसान भाई थोड़े चिंतित जरूर थे, लेकिन अब राज्य भर में अच्छी बारिश शुरू होने से कृषि गतिविधियां तेजी से सामान्य हो रही हैं।

उन्होंने अंत में दोहराया कि साय सरकार पूरी मजबूती के साथ प्रदेश के किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। यह पूरी तरह सुनिश्चित किया जाएगा कि खरीफ सीजन के दौरान प्रत्येक छोटे-बड़े किसान को समय पर और निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त खाद मिल सके। इसके आड़े आने वाले बिचौलियों, कालाबाजारी करने वालों और भ्रष्ट अफसरों पर कानून का शिकंजा कसा जाना तय है।