हांगकांग को लेकर नरम पड़ा अमेरिका? चीन के दावे से बढ़ी वैश्विक हलचल
मैड्रिड: वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली अमेरिका और चीन के बीच की दीर्घकालिक व्यापारिक कड़वाहट अब धीरे-धीरे ढलती हुई दिखाई दे रही है। स्पेन की राजधानी मैड्रिड में संपन्न हुई उच्च स्तरीय आर्थिक वार्ता के बाद चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर यह दावा किया है कि अमेरिकी प्रशासन उस पुराने कार्यकारी आदेश की अवधि को आगे नहीं बढ़ाएगा, जिसने हांगकांग को मिलने वाले विशेष व्यावसायिक एवं आर्थिक दर्जे को समाप्त कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकार वाशिंगटन के इस रुख को दोनों महाशक्तियों के द्विपक्षीय और व्यापारिक संबंधों को एक नई व सकारात्मक दिशा में ले जाने वाला एक मील का पत्थर मान रहे हैं।
वैश्विक राष्ट्रपतियों की शिखर बैठक और बदलते कूटनीतिक संकेत
इस महत्वपूर्ण आर्थिक बदलाव को कुछ समय पहले बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय शिखर वार्ता के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में देखा जा रहा है। उस मुलाकात के बाद से ही दोनों देशों के बीच लगातार कई सकारात्मक और सहयोगात्मक कदम उठाए गए हैं, जिसमें हाल ही में चीनी प्रशासन द्वारा एक प्रमुख चर्च पादरी की ससम्मान रिहाई भी शामिल है। राजनयिक विश्लेषकों का मानना है कि चालू वर्ष के अंत में चीनी राष्ट्रपति की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा से ठीक पहले यह फैसला दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई को पाटने और आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने में एक बड़ी भूमिका निभाएगा।
प्रतिबंधों के नियमों में संशोधन और अमेरिकी आदेश की समाप्ति
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो जुलाई 2020 में हांगकांग के विशेष व्यापारिक दर्जे को रद्द करने वाला एक कड़ा कार्यकारी आदेश जारी किया गया था, जिसे बाद में वर्ष 2025 में एक साल के लिए विस्तारित भी किया गया। हालांकि, नई सहमति के तहत अब इस प्रतिबंधात्मक आदेश का नवीनीकरण न करने का निर्णय लिया गया है, जिसकी पुष्टि अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने राष्ट्रीय आपातकाल से जुड़े कुछ तकनीकी प्रावधानों की अवधि समाप्त होने का हवाला देकर की है। इसी कूटनीतिक फेरबदल के अंतर्गत हांगकांग के मुख्य कार्यकारी जॉन ली और पूर्व शीर्ष नेता कैरी लैम को भी पुरानी कड़ी प्रतिबंध सूची से बाहर कर दूसरे कानूनी दायरे में स्थानांतरित कर दिया गया है।
चीन और हांगकांग प्रशासन द्वारा अमेरिकी पहल का स्वागत
बीजिंग ने अमेरिकी सरकार के इस कदम को मैड्रिड आर्थिक वार्ता में बनी आपसी सहमतियों को धरातल पर उतारने की दिशा में एक स्वागत योग्य और प्रगतिशील कदम बताया है। दूसरी ओर, हांगकांग के स्थानीय प्रशासन ने भी इस पर अपनी अनुकूल प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि अमेरिका आने वाले समय में चीन की संप्रभुता का पूर्ण आदर करेगा। इसके साथ ही, वहां के प्रशासन ने वैश्विक मंचों पर 'एक देश, दो प्रणाली' की नीति का सम्मान किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है, जिससे क्षेत्र में विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को एक बार फिर से नई गति मिलने की उम्मीद जग गई है।
लोकतांत्रिक अधिकारों की स्थिति और वैश्विक मानवाधिकार संगठनों की चिंता
व्यापारिक संबंधों में सुधार के इस दौर के बीच हांगकांग में आंतरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर वैश्विक चिंताएं अब भी बरकरार हैं। बीजिंग का इस मामले पर दृढ़ता से कहना है कि वर्ष 2019 में हुए हिंसक सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद 2020 में लागू किया गया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून वहां की आंतरिक शांति और स्थिरता के लिए अपरिहार्य था। इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और पश्चिमी देशों का यह गंभीर आरोप है कि इस दमनकारी कानून की आड़ में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया है, जिसके चलते मीडिया जगत के रसूखदार कारोबारी जिमी लाई समेत कई लोकतंत्र समर्थक नेता आज भी कारागार में बंद हैं, हालांकि इस विषय पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
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