लंबे समय से यात्रियों को निशाना बना रहा था सक्रिय गिरोह
जबलपुर। जीआरपी (शासकीय रेल पुलिस) ने ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों का सामान पार करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। रेल पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 2.07 लाख रुपये के जेवरात बरामद किए हैं।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
जबलपुर जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत के अनुसार, पुलिस को सटीक जानकारी मिली थी कि एक निगरानीशुदा बदमाश, संजय उर्फ संजू मेश्राम (उर्फ बंदर), निवासी मांडवा बस्ती (रामपुर), चोरी के जेवरात बेचने की फिराक में साईं नगर काली मंदिर के पास घूम रहा है। इस सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर संजय को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में खुला चोरी का राज
संजय मराठा से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों का सामान चोरी करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों को भी दबोच लिया:
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संजय उर्फ संजू मेश्राम (मुख्य आरोपी)
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नित्तू उर्फ नीतेश
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राजू उर्फ राजकुमार
बरामद किए गए जेवरात और सामान
आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी किया गया कीमती मशरूका बरामद किया है, जिसकी कुल कीमत 2,07,700 रुपये आंकी गई है। बरामद सामान में शामिल हैं:
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सोने के जेवरात: 12 नग सोने के गुरिया, एक मंगलसूत्र का पेंडेंट और सोने के टॉप्स।
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चांदी के जेवरात: चांदी की बिछिया।
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अन्य सामान: फरियादी के चोरी हुए कपड़े और अन्य वस्तुएं।
अभियान का असर
जीआरपी की इस सफलता को रेल यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पुलिस अब इन आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है ताकि रेलवे क्षेत्र में सक्रिय अन्य अपराधियों तक पहुंचा जा सके। फिलहाल, पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
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