मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर विरोध जताया
नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर विरोध जताया है और यहां तक कह रहे हैं कि हम भाषा को लेकर एक और लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। यही नहीं उन्होंने 5 मार्च को तमिलनाडु के सभी दलों की एक मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में वह 2026 में होने वाले परिसीमन को लेकर बात करने वाले हैं।
अब तमिलनाडु में ऐसी मीटिंग हुई और विरोध बढ़ा तो फिर कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी ऐसा हो सकता है। खासतौर पर इन राज्यों में कांग्रेस उत्तरी राज्यों की तुलना में मजबूत है। ऐसे में वह भी चाहेगी कि परिसीमन के मामले पर ही सही, लेकिन वह भाजपा सरकार के खिलाफ एक नैरेटिव खड़ा करे। फिलहाल स्टालिन ने तमिलनाडु की सभी 40 पंजीकृत राजनीतिक पार्टियों को मीटिंग में बुलाया है। स्टालिन ने कहा, तमिलनाडु को उसके अधिकारों के लिए नई जंग में धकेला जा रहा है। परिसीमन के नाम पर हमारे हकों को छीना जा सकता है। उनका कहना है कि हमारे 39 सांसद हैं और परिसीमन के बाद यह संख्या 31 ही रह सकती है। सीएम स्टालिन का कहना है कि तमिलनाडु से फिलहाल 39 लोकसभा सांसद चुने जाते हैं और परिसीमन के बाद हमसे 8 सीटें छीनी जा सकती हैं। यही नहीं इस बहाने वह दक्षिण बनाम उत्तर वाली बहस को भी तेज करने की कोशिश में हैं। उनका कहना है कि तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण की नीति का अच्छे से पालन किया है। क्या हमें इसके बदले में सीटें कम करके सजा दी जाएगी। वह डर दिखा रहे हैं कि यूपी, बिहार, राजस्थान, एमपी की सीटें बढ़ सकती हैं।
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