कार के लिए गलत टायर का चुनाव बन सकता है दुर्घटनाओं का कारण
नई दिल्ली । कार के सही टायर न सिर्फ आपके ड्राइविंग अनुभव को बेहतर बनाते हैं, बल्कि सड़क पर सुरक्षित सफर की गारंटी भी देते हैं। वहीं, गलत टायर का चुनाव दुर्घटनाओं और परेशानी की वजह बन सकता है। कार के लिए नए टायर खरीदने जा रहे हैं, तो इन पांच अहम बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है। सबसे पहले, टायर कोड की समझ जरूरी है। हर टायर पर एक खास कोड लिखा होता है, जैसे 215/60आर17। इसमें 215 चौड़ाई (मिमी), 60 ऊंचाई का अनुपात, आर रेडियल टायर और 17 रिम का साइज (इंच में) दर्शाता है। कोड को सही ढंग से समझना आपके वाहन के लिए उपयुक्त टायर चुनने में मदद करता है। दूसरा, मौसम और जरूरत के हिसाब से टायर चुनें। ऑल-सीजन टायर अलग-अलग परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, जबकि समर टायर गर्म इलाकों के लिए और विंटर टायर बर्फीली या फिसलन भरी सड़कों के लिए सही रहते हैं। तीसरा, ग्रिप और मजबूती की जांच करें। टायर पर दी गई यूटीक्यूजी मार्किंग ट्रेडवियर (टिकाऊपन), ट्रैक्शन (ग्रिप) और टेम्परेचर रेटिंग बताती है। बेहतर ग्रिप और सही पैटर्न वाले टायर बारिश और कठिन परिस्थितियों में भी सुरक्षित रहते हैं।
चौथा, मैन्युफैक्चरिंग डेट पर नजर डालें। टायर पर डॉट कोड के बाद लिखे चार अंक बताते हैं कि वह कब बना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि 6 से 10 साल से पुराने टायर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पांचवा और सबसे अहम, अपनी गाड़ी और ड्राइविंग स्टाइल को ध्यान में रखें। शहर में रोजमर्रा की ड्राइविंग के लिए टिकाऊ टायर सही रहते हैं, जबकि हाईवे या पहाड़ी इलाकों के लिए अलग तरह के टायर उपयुक्त होते हैं।
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