खाद न मिलने से किसानों का आक्रोश, दमोह-जबलपुर हाइवे पर लगाया जाम
दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक में खाद न मिलने से गुस्साए किसानों ने मंडी के बाहर सड़क पर हंगामा कर दिया। इससे दमोह-जबलपुर हाइवे पर जाम लग गया और किसान सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे।
मंडी गोदाम के अधिकारियों का कहना था, शनिवार और रविवार को गोदाम बंद रखने का एमडी का आदेश है। इसीलिए सोमवार को खाद मिलेगा, लेकिन किसान आज ही खाद वितरण करने की जिद पर अड़े हुए थे। खबर लगते ही जबेरा पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति को संभालते हुए किसानों को समझाइश देते हुए सड़क पर बैठे किसानों हटवाया। वहीं, जबेरा तहसीलदार विवेक व्यास ने भी किसानों से बात की और किसानों को सोमवार से खाद वितरण के लिए राजी कर लिया गया। उसके बाद किसान मान गए और जाम हटा दिया।
जबेरा मंडी गोदाम प्रभारी एचसी विश्वकर्मा का कहना था, शनिवार और रविवार गोदाम बंद रखने और खाद वितरण नहीं करने के एमडी के आदेश हैं। इसलिए आज खाद वितरण नहीं किया गया। खाद का पर्याप्त स्टॉक है, सोमवार से वितरित किया जाएगा और सभी किसानों को खाद मिल जाएगा।
वहीं किसानों का कहना था कि वह खाद के लिए परेशान हो रहे हैं, उन्हें आज ही खाद चाहिए। अधिकारी रोज बहाने करते हैं, इसलिए हम लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक दमोह-जबलपुर हाइवे पर जाम लगा रहा, उसके बाद किसान सड़क से हटे।
जबेरा थाना प्रभारी का कहना है, खाद लेने जबेरा मंडी पहुंचे किसानों को खाद नहीं मिलने से हंगामा करने की खबर मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने पहुंचकर किसानों को समझाया और किसान मान गए। तहसीलदार विवेक व्यास का कहना है, किसानों द्वारा हंगामा करने जैसी कोई बात नहीं है। किसानों को गोदाम बंद रखने की वजह से खाद नहीं मिला था, जिससे उन्होंने नाराजगी व्यक्त की थी। किसानों से बात की गई तो किसान मान गए है और सोमवार से सभी किसानों को खाद वितरण किया जाएगा। किसानों को कोई परेशानी न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।
एमपी विधानसभा के बजट सत्र को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड मे, निजी सुरक्षा कर्मियों पर रोक, नए नियम लागू
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
जनसंपर्क अधिकारी पर दबाव और झूठे आरोपों का मामला: रॉयल प्रेस क्लब ने एमपी नगर थाने में दी शिकायत
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास