कियोसाकी की चेतावनी: अब नहीं चलेगी 60/40 निवेश रणनीति
नई दिल्ली । फाइनेंशियल एडवाइजर और मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने पारंपरिक 60/40 निवेश रणनीति को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल 1971 में खत्म हो गया था, जब अमेरिका ने गोल्ड स्टैंडर्ड को छोड़ा और डॉलर की वैल्यू सिर्फ सरकार के भरोसे पर टिक गई। कियोसाकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अब डॉलर और अमेरिकी सरकार पर भरोसा करना मुश्किल है, क्योंकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा कर्जदार देश बन चुका है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, कौन मूर्ख होगा जो ऐसे देश के बॉन्ड खरीदेगा? कियोसाकी ने कहा कि अब समय आ गया है कि लोग बिटकॉइन, सोना और चांदी जैसे असली संपत्तियों में निवेश करें। उनके मुताबिक ये संपत्तियां मुद्रास्फीति और सरकारी छेड़छाड़ से बचाने में सक्षम हैं। वे इन्हें पीपुल्स मनी कहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब बड़ी वित्तीय कंपनियां जैसे मॉर्गन स्टेनली भी 60/20/20 मॉडल को अपनाने की सिफारिश कर रही हैं, जिसमें वैकल्पिक निवेश को जगह दी जा रही है। कियोसाकी ने कहा कि मैं 30 साल पहले ही आर्थिक रूप से आज़ाद हो गया था। मुझे कभी किसी फॉर्मूले की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने सलाह दी कि हर व्यक्ति को अपने हिसाब से सही निवेश रणनीति अपनानी चाहिए।
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