मिडिल ईस्ट संघर्ष और तेल बाजार में उथल-पुथल से बढ़ी टेंशन
वाशिंगटन। वल्र्ड बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद दुनिया के 27 देशों ने इमरजेंसी फंड की मांग की है। इन देशों ने ऐसे सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिनके जरिए जरूरत पडऩे पर वे जल्दी से विश्व बैंक से फंड ले सकें। एक आंतरिक दस्तावेज में बताया गया है कि इन देशों के नाम और मांगी गई रकम की जानकारी नहीं दी गई है। वल्र्ड बैंक ने भी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढऩे के बाद तीन देशों ने नए क्राइसिस सपोर्ट सिस्टम को मंजूरी दे दी है, जबकि बाकी देश अभी इसकी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। ईरान युद्ध का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से कई देशों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऊर्जा बाजार में अस्थिरता की वजह से सप्लाई चेन भी प्रभावित हुई है। इसके अलावा खाद की सप्लाई भी रुक रही है, जिससे खेती पर असर पड़ रहा है।
केन्या और इराक ने मदद मांगने की पुष्टि की
केन्या और इराक ने पुष्टि की है कि उन्होंने विश्व बैंक से जल्दी आर्थिक मदद मांगी है। केन्या में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि इराक को तेल से होने वाली कमाई में भारी गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये 27 देश उन 101 देशों में शामिल हैं जिन्हें पहले से तैयार क्राइसिस फंड सिस्टम का फायदा मिल सकता है। इनमें से 54 देश रैपिड रिस्पॉन्स योजना का हिस्सा हैं। इस योजना के तहत कोई भी देश अपने मंजूर लेकिन अभी तक इस्तेमाल न किए गए फंड का 10 प्रतिशत तुरंत इस्तेमाल कर सकता है।
गुजरात में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट का कहर, 10 लोगों की मौत, कई घायल
छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, शिक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को घेरा
निशातपुरा स्टेशन का सपना हुआ साकार, तीन ट्रेनों के संचालन से होगी शुरुआत
उपद्रवियों पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, CJP प्रदर्शन मामले में 9 FIR दर्ज
विवाद बढ़ने पर बृज भूषण की सफाई, बोले- आहत भावनाओं के लिए क्षमाप्रार्थी हूं