पुलिस जांच में फर्जी किडनैपिंग का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग|जिले में एक नाबालिग द्वारा रचे गए झूठे अपहरण के मामले ने पुलिस जांच के दौरान म्यूल खाता खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का खुलासा कर दिया. शुरुआत में नाबालिग ने अपने परिजनों को फोन कर बताया कि उसका अपहरण हो गया है और अपहरणकर्ताओं ने उसे छोड़ने के लिए 3 लाख रुपए की फिरौती मांगी है. बातचीत के दौरान यह रकम घटकर 50 हजार रुपए तक पहुंच गई. इस कॉल के बाद नाबालिग के बड़े भाई आशीष ठाकुर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी|
नाबालिग ने दोस्तों संग मिलकर रची खुद के अपहरण की साजिश
दरअसल मामले में नया मोड़ तब आया जब कुछ समय बाद नाबालिग ने दोबारा फोन कर बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उसे छोड़ दिया है. इस पर पुलिस को पूरे घटनाक्रम पर संदेह हुआ. पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और रास्ते में रोककर पूछताछ की, जिसमें धीरे-धीरे पूरी सच्चाई सामने आ गई. पूछताछ में नाबालिग ने स्वीकार किया कि उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपहरण की पूरी कहानी गढ़ी थी. दरअसल वह म्यूल खाते खरीदने-बेचने के काम में शामिल था|
पुलिस जांच में हुआ खुलासा
म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं. जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध लेन-देन में किया जाता है. इस बार वह म्यूल खाते बेचने के लिए धनबाद गया था, लेकिन जिन लोगों से उसकी बात हुई थी उन्होंने खाते लेने से मना कर दिया और पहले दिए गए एडवांस पैसे लौटाने का दबाव बनाने लगे. पैसे लौटाने के डर से घबराकर नाबालिग ने अपने अपहरण की झूठी कहानी रच दी. पुलिस ने मामले में धनबाद और झारसुगुड़ा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस ने बीएनएस की धारा 3(5), 318(4) और 62 के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी रखी है. गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा|
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