निशानेबाज मनु भाकर ने राजनीति में प्रवेश को लेकर दिया बड़ा बयान
पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाली मनु भाकर सोमवार को अपने ननिहाल चरखी दादरी पहुंची। यहां उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने राजनीति में एंट्री पर भी बात की। भाकर ने बताया कि वह कभी राजनीति में नहीं आएंगी। उनका लक्ष्य देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
भाकर ने पेरिस 2024 ओलंपिक में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और मिश्रित 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में दो कांस्य पदक हासिल करते हुए इतिहास रच दिया था। वह ओलंपिक खेलों के एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाली आजादी के बाद से पहली भारतीय एथलीट बनीं। मनु को टोक्यो 2020 ओलंपिक में निराशा का सामना करना पड़ा था, जहां वह अपनी तीनों स्पर्धाओं में फाइनल में पहुंचने में विफल रही थीं। मनु ने अपने ननिहाल के सम्मान को ताउम्र याद रखने की बात कही। उन्होंने कहा- मैं राजनीति में नहीं आऊंगी। बल्कि अपने खेल पर ध्यान देते हुए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना ही मेरा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि कोई भी खिलाड़ी हो उसकी सोच पर निर्भर रहता है कि वे राजनीति करें या फिर युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करें।
सम्मान समारोह में पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान, अंतरराष्ट्रीय पहलवान और भाजपा नेता बबीता फोगाट सहित कई राजनेता मौजूद थे। मनु ने कहा- मेरा ध्यान सिर्फ देश के लिए स्वर्ण जीतने का है। अभी राजनीति नहीं करूंगी। इस दौरान मनु ने युवाओं और उनके माता-पिता से भी पढ़ाई के साथ खेलों में भी ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा- देश के लिए पदक जीतने का लक्ष्य रखें, सफलता अवश्य मिलेगी।
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