युवाओं के लिए चेतावनी: चक्कर को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान को ठीक रखना तो जरूरी है ही, साथ ही जरूरी है कि आप शरीर में होने वाले कुछ भी असामान्य बदलावों पर गंभीरता से ध्यान भी देते रहें। कई बार जिन लक्षणों को हम सामान्य सा मानकर अनदेखा कर देते हैं, वह सेहत पर बहुत भारी भी पड़ सकती हैं।एक मां अपने 21 साल के बेटे जेम्स मान की मौत का शोक मना रही है। जेम्स जो एक फिट और सेहतमंद पुलिस अफसर होने के साथ-साथ एक क्वालिफाइड पर्सनल ट्रेनर भी थे, उन्हें कुछ समय से चक्कर आने और शरीर के कंट्रोल में न रहने जैसी दिक्कतें हो रही थीं।उन्हें लगा बार-बार फ्लाइट की वजह से उनके कान में दबाव बढ़ गया होगा, रोज की दौड़भाग की वजह से वह कमजोर महसूस कर रहे होंगे पर यही लापरवाही उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है, ये शायद उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था।शरीर में होने वाली छोटी-छोटी दिक्कतें किस तरह से सेहत पर भारी पड़ सकती हैं, ये मामला इसका जीत जागता उदाहरण है। मौत के कुछ महीने पहले जब उन्होंने जांच कराई तो रिपोर्ट में चौंकाने वाली बीमारी का खुलासा हुआ।
ये मामला उन सभी लोगों के लिए सीख है जो शरीर के संकेतों को अनदेखा करते रहते हैं।
क्या है पूरा मामला
मामला इंग्लैंड के बेडफोर्डशायर का है। पिछले साल जून में ग्रीस से छुट्टियां मनाकर घर लौटने के बाद जेम्स को शरीर 'असंतुलित' महसूस होता रहता था। शुरू में तो उसने इस समस्या को अनदेखा किया, पर बाद में जब चक्कर आने की दिक्कत बढ़ती गई तो वह अपने डॉक्टर के पास पहुंचे।
- जनरल फिजिशियन ने जांच में पाया कि चक्कर आने की समस्या कान में संक्रमण की वजह से हो सकती है।
- कुछ ही हफ्तों में जेम्स का चक्कर आना इतना बढ़ गया कि उन्हें उल्टियां भी होने लगीं।
- सितंबर 2025 में वह फिर एक जनरल प्रैक्टिशनर के पास गए, लेकिन उन्हें फिर से यह कहकर घर भेज दिया गया कि ये सिर्फ वर्टिगो ( सिर घूमने-चक्कर आने) की ही समस्या है।
हालांकि, इस बार जेम्स की मां डायने ने डॉक्टर से बात की और बेटे की बढ़ती समस्या को लेकर गहरी चिंता जताई। इस बार डॉक्टर ने आगे की जांच के लिए तुरंत एमआरआई के लिए रेफर किया जाए। डायने कहती हैं, इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद हमारी दुनिया पूरी तरह से बिखर गई। स्कैन में पाया गया कि जेम्स के ब्रेन में एक गांठ यानी ट्यूमर है।
सर्जरी के बाद भी नहीं बच पाई जान
ब्रेन ट्यूमर का पता चलने के बाद डॉक्टरों ने इमरजेंसी सर्जरी की ताकि दिमाग पर पड़ रहे दबाव को कम किया जा सके।
- डॉक्टर्स ने बताया कि जेम्स को एक हाई-ग्रेड, तेजी से बढ़ने वाला ट्यूमर है।
- नए साल में एक और सर्जरी बाद डॉक्टरों ने बताया कि अब जेम्स की हालत 'स्थिर' लग रही थी।
- बचे हुए ट्यूमर खत्म करने के लिए रेडियोथेरेपी शुरू की गई।
- हालांकि इसके एक हफ्ते के भीतर ही 21 वर्षीय जेम्स ने दुनिया को अलविदा कह गया।
जेम्स की मां डायने कहती हैं, शुरुआत में चक्कर आने की समस्या की अगर सही पहचान हो गई होती तो संभव था कि ट्यूमर बढ़ने न पाता और जेम्स अभी जिंदा होता। लक्षणों को लेकर लापरवाही भारी पड़ गई।
ब्रेन में ट्यूमर की समस्या
ब्रेन ट्यूमर तब होता है जब मस्तिष्क में कोशिकाओं असामान्य और अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। ये नॉन कैंसरस या कैंसर वाली हो सकती है। ब्रेन ट्यूमर की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति में हो सकती है और अगर समय रहते इसका इलाज न कराया जाए तो घातक भी हो सकती है।अगर आपको शरीर में कुछ असामान्य सा महसूस होता रहता है तो इसे अनदेखा बिल्कुल न करें। समय पर अगर ट्यूमर का पता चल जाता है तो इसे ठीक करना आसान हो सकता है।
कौन से लक्षण हैं तो हो जाएं सतर्क?
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण और संकेत ट्यूमर के आकार और ये किस जगह पर है इसपर निर्भर करते हैं। लक्षण इस बात पर भी निर्भर कर सकते हैं कि ट्यूमर कितनी तेजी से बढ़ रहा है। कुछ दिनों से अगर आपको असामान्य महसूस हो रहा है तो इसे अनदेखा न करें।
- सिरदर्द या सिर में दबाव महसूस होना, ये सुबह के समय ज्यादा होता है।
- अक्सर जी मिचलाना या उल्टी होना।
- आंखों से जुड़ी समस्याएं, जैसे धुंधला दिखाई देना, डबल विजन की समस्या।
- हाथ या पैर की ताकत कम हो जाना।
- शरीर का संतुलन बनाने में दिक्कत होना।
- बोलने में दिक्कत होना, बहुत ज्यादा थकान महसूस होना।
- याददाश्त से जुड़ी समस्याएं और सुनने में दिक्कत होना।
- व्यक्तित्व या व्यवहार में बदलाव आना।
- चक्कर आना या ऐसा महसूस होना कि दुनिया घूम रही है, जिसे वर्टिगो भी कहा जाता है।
इसमें से अगर आपको 2-3 लक्षण भी कुछ दिनों से महसूस हो रहे हैं तो तुरंत इसकी जांच करा लें।
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